Niti Aayog on Himalayan springs

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Niti Aayog on Himalayan springs

नीति आयोग के विशेषज्ञों के समूह ने ‘जल सुरक्षा के लिए हिमालय में इन्वेंटरी एंड रिवाइवल नामक रिपोर्ट प्रस्तुत की है। इसमें उल्लेख किया है कि लोगों की जल सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण स्प्रिंग्स के लगभग 30% स्रोत सूख रहे हैं और 50% कम निर्वहन कर रहे हैं. पूर्वी हिमालयी राज्यों में मेघालय में स्प्रिंग्स वाले 3,810 गाँवों में इन जल स्रोतों की सबसे अधिक संख्या है। सिक्किम में सबसे ज्यादा घनत्व है जिसके गांवों में 94% स्प्रिंग के स्रोत है। पश्चिमी हिमालय में जम्मू और कश्मीर में सबसे अधिक 3,313 स्प्रिंग्स है

A group of experts from the Niti Aayog has presented 'Inventory and Revival' report in the Himalayas for water conservation. It has mentioned that nearly 30% of the sources of water springs are drying down and 50% less are being discharged for water safety. In the eastern Himalayan states, 3,810 villages having springs in Meghalaya have the highest number of these water sources. Sikkim has the highest density, with 94% of its villages having a spring source. Jammu and Kashmir has the highest 3,313 springs in the Western Himalayas.

भारतीय हिमालयी क्षेत्र (IHR) में लगभग आधे बारहमासी झरने पहले ही सूख चुके हैं या मौसमी हो गए हैं। इस क्षेत्र के हजारों गांवों में वर्तमान में पीने और अन्य घरेलू उद्देश्यों के लिए पानी की भारी कमी है। हिमालयी क्षेत्र में छोटी-छोटी बस्तियों में पानी उपलब्ध कराने वाले लगभग 60% डिस्चार्ज स्प्रिंग्स में पिछले कुछ दशकों के दौरान स्पष्ट गिरावट दर्ज की गई है।

In the Indian Himalayan region (IHR), almost half of all perennial waterfalls have already dried or seasonal. Thousands of villages in this region are currently suffering from severe water shortages for drinking and other domestic purposes. Approximately 60% of discharge springs, which provided water in small settlements in the Himalayan region, have seen a marked decline in the last few decades.

यह रिपोर्ट स्प्रिंग मानचित्रण और पुनरुद्धार का आह्वान करता है, चरणबद्ध तरीके से 8 चरण प्रोटोकॉल का उपयोग, प्रमुख पर्यटन स्थलों पर क्षमता अवधारणा को लागू करना और हिमालय में स्प्रिंग वाटर मैनेजमेंट पर मिशन की स्थापना के लिए कहता है।

This report calls for spring mapping and revival, to use the 8-phase protocol in a phased manner, to implement the carrying capacity concept at major tourist destinations and to establish a mission on spring water management in the Himalayas.

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