National River Linking Project (NRLP)

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National River Linking Project
(NRLP)

एक अध्ययन से पता चलता है कि भारत की विशाल सिविल इंजीनियरिंग परियोजना, नेशनल रिवर लिंकिंग प्रोजेक्ट (एनआरएलपी) न केवल उत्तरी नदियों के बहाव को कम करेगा, बल्कि नदियों के किनारे जमा होने वाले तलछट को भी कम करेगा। जिससे उपजाऊ डेल्टा और तटीय क्षरण के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं की भूमि और आजीविका को खतरा होने की आशंका है जिससे 160 मिलियन लोगों का भरण पोषण होता हैं। एनआरएलपी में 9,600 किलोमीटर की कुल 29 नहरें शामिल हैं, में 245 ट्रिलियन लीटर पानी की आवाजाही होगी।

One study shows that India's huge civil engineering project, the National River Linking Project (NRLP), will not only reduce the flow of the northern rivers but also reduce the sediment deposited along the rivers. There is a danger of land and livelihood of local economies with fertile delta and coastal erosion, resulting in the upbringing of 160 million people. The NRLP comprises 29 canals of 9,600 km, with the movement of 245 trillion liters of water.

कोलोराडो विश्वविद्यालय के चार शोधकर्ताओं एलीना: साइंस ऑफ एंथ्रोपोसिन नामक पत्रिका में प्रकाशित परियोजना के प्रभाव का विश्लेषण किया है. इसके कार्यान्वयन पर 29 में से 23 नदियों में पानी का निर्वहन काफी कम हो जाएगा। गंगा के प्रवाह में 24% की कमी देखी जाएगी। इसकी सहायक नदियाँ गंडक (-68%) और घाघरा (-55%) सबसे अधिक प्रभावित होंगी। जबकि ब्रह्मपुत्र में केवल 6% की हानि होगी.

Four researchers at the University of Colorado have analyzed the effect of the project published in the journal Elina: Science of Anthroposine. On implementation of this, water discharging in 23 rivers out of 29 will be greatly reduced. There will be a 24% reduction in the flow of the Ganges. Its tributaries Gandak (-68%) and Ghaghra (-55%) will be affected most. While the only Brahmaputra will have a loss of 6%.

एक अध्ययन से पता चलता है कि भारत की विशाल सिविल इंजीनियरिंग परियोजना, नेशनल रिवर लिंकिंग प्रोजेक्ट (एनआरएलपी) न केवल उत्तरी नदियों के बहाव को कम करेगा, बल्कि नदियों के किनारे जमा होने वाले तलछट को भी कम करेगा। जिससे उपजाऊ डेल्टा और तटीय क्षरण के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं की भूमि और आजीविका को खतरा होने की आशंका है जिससे 160 मिलियन लोगों का भरण-पोषण होता हैं। एनआरएलपी में 9,600 किलोमीटर की कुल 29 नहरें शामिल हैं, में 245 ट्रिलियन लीटर पानी की आवाजाही होगी।

One study shows that India's huge civil project, the National River Upgrading Project (NPP), will not only reduce the flow of the northern rivers but also reduce the sediment deposited along the rivers. There is a danger of land and livelihood of local economies with fertile delta and coastal erosion, resulting in the maintenance of 160 million people. The NHP comprises 29 canals of 9,600 km, which will have 245 trillion liters of water.

कोलोराडो विश्वविद्यालय के चार शोधकर्ताओं एलीना: साइंस ऑफ एंथ्रोपोसिन नामक पत्रिका में प्रकाशित परियोजना के प्रभाव का विश्लेषण किया है. इसके कार्यान्वयन पर 29 में से 23 नदियों में पानी का निर्वहन काफी कम हो जाएगा। गंगा के प्रवाह में 24% की कमी देखी जाएगी। इसकी सहायक नदियाँ गंडक (-68%) और घाघरा (-55%) सबसे अधिक प्रभावित होंगी। जबकि ब्रह्मपुत्र में केवल 6% की हानि होगी.

Four researchers at the University of Colorado have analyzed the effect of the project published in the journal Elina: Science of Anthropocene. On implementation of this, water discharging in 23 rivers out of 29 will be greatly reduced. There will be a 24% reduction in the flow of the Ganges. Its tributaries Gandak (-68%) and Ghaghra (-55%) will be affected most. While the only Brahmaputra will have a loss of 6%.

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